भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो कभी धुंधले नहीं पड़ते। 30 अप्रैल 2020 की वो सुबह बॉलीवुड के लिए एक काला अध्याय साबित हुई , जब खबर आई कि दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अब हमारे बीच नहीं रहे। 67 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के एच . एन . रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले दो सालों से ल्यूकेमिया (Leukemia) यानी ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनकी मृत्यु ने न केवल कपूर खानदान बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री और करोड़ों फैंस के दिलों में एक ऐसा खालीपन छोड़ दिया है , जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। ऋषि कपूर की कैंसर से लंबी जंग (The Battle with Cancer) ऋषि कपूर को साल 2018 में अपनी बीमारी का पता चला था। सितंबर 2018 में उन्होंने अचानक ट्वीट किया कि वे कुछ समय के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं और इलाज के लिए अमेरिका जा रहे हैं। उस वक्त बीमारी का खुलासा नहीं किया गया था , लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें ...
भारतीय सिनेमा के इतिहास में 1975 का साल ' शोले ' और ' दीवार ' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाना जाता है , लेकिन इसी साल एक ऐसी फिल्म आई थी जिसने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी थी। महान निर्देशक गुलजार की फिल्म ' आंधी ' । यह फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं थी , बल्कि सत्ता की भूख और व्यक्तिगत रिश्तों के बीच पिसती एक महिला के संघर्ष की दास्तान थी। फिल्म ' आंधी ' (1975) का इतिहास केवल इसकी कहानी तक सीमित नहीं है , बल्कि सेंसर बोर्ड की कैंची और राजनीतिक दबाव के बीच इसकी लंबी लड़ाई की भी दास्तान है। आपातकाल (Emergency) के उस दौर में इस फिल्म के कई दृश्यों को ' विवादास्पद ' मानकर हटवा दिया गया था। आज 51 साल बाद भी ' आंधी ' अपने बेहतरीन अभिनय , कालजयी संगीत और उस ' राजनीतिक विवाद ' के लिए याद की जाती है जिसने इसे कुछ समय के लिए सिनेमाघरों से गायब कर दिया था। फिल्म की कहानी : सत्ता बनाम समर्पण ...